THE REASON WHY EVERYONE LOVE STORY

भ्रूण दिन-प्रतिदिन बढ़ने लगा।  नौवां पूरा हुआ।  वावा की पत्नी का जन्म हुआ।  लड़का बच्चा पाकर बहुत खुश था।  दिन बढ़ने लगे।  आठवें वर्ष में, मुंज ने किया।  कहा कि दसवें वर्ष में शादी कर लो।  मैंने वादा किया कि मैं काशीरात के बिना शादी नहीं करूंगा।  कुछ दिनों बाद मामा को एक यात्रा के साथ भेजा।

 मामा की काशी जाने लगी।  चलते-चलते क्या हुआ  रास्ते में एक शहर पड़ता था।  वहां लड़कियां खेल रही थीं।  उनके बीच केवल एक संघर्ष था।  एक गोरी छाल वाली लड़की थी।  उसने एक और कहा था - क्या एक रंडी, क्या एक रंडी!  तब लड़की ने कहा, मेरी मां मंगलागौरी का व्रत करती थीं।  हमारे कबीले में कोई नहीं होगा।  फिर मैं उनकी बेटी हूं।  यह भाषण माताओं द्वारा सुना गया था।  वे अपने मन में आए, अपने भतीजे के साथ शादी करने के लिए, ताकि यह दीर्घायु हो।

 लेकिन यह कैसे होता है?  वे उस दिन वहीं रहे।  यहां क्या हुआ?  उसी दिन लड़की की शादी हुई थी।  शादी के समय शादी हुई थी।  लड़की के माता-पिता पंचायत में आ गए।  अगर किसी को अगला यात्री मिलता है, तो बेहतर होगा, उसे आगे बढ़ने दें और समय मनाएं;  इसलिए धर्मशाला को देखना शुरू किया।  मामा-भांजी ने देखा।  मामा भतीजे को ले गए।  गोरज ने शादी कर ली।  दोनों को गौरीहारा ले जाया गया।  दोनों सो गए।  भगवान ने लड़की को दृष्टान्त दिया, हे अग्नि कन्या, सर्प तुम्हारी दुल्हन को काटेगा, उसे पीने के लिए दूध पिलाएगा और कोड़े मारेगा।  दूध पीने से सांप बन जाएगा।  मुंह को नाखून से बांधें।  सुबह उठो और अपनी माँ को दे दो!  उसने पूरी तैयारी की।  यह एक दृष्टान्त की तरह हुआ।  किसी समय उसका पति उठ गया।  भूख ने कहना शुरू कर दिया।  लड्डू खिलाया।  उसे विराम देने के बाद, उसने उसे अपनी अंगूठी दी।  पंट्स उठे और प्लेट ले कर बरहादी के पास गए।  रास्ते में मिली ममता।


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